इंदौर में बच्चा चोरी की अफवाहों पर पुलिस का कड़ा प्रहार: सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों की खैर नहीं
इंदौर। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बच्चा चोरी की झूठी अफवाहों ने आम जनता के बीच भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे भ्रामक संदेशों और फर्जी वीडियो के कारण कई क्षेत्रों में निर्दोष लोगों को संदिग्ध मानकर उनके साथ अभद्रता और मारपीट की खबरें सामने आई हैं। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।https://www.hearingcareaid.in/
पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सोशल मीडिया सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस उन मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की पहचान कर रही है जहाँ से ये भ्रामक खबरें सबसे पहले साझा की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति बिना पुष्टि किए ऐसे संदेशों को फॉरवर्ड करेगा, उसके खिलाफ भी कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक जिले में बच्चा चोरी की किसी भी वास्तविक घटना की पुष्टि नहीं हुई है, और वायरल हो रहे ज्यादातर वीडियो पुराने या अन्य राज्यों के हैं जिन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंदौर पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और जनता से सीधे संवाद करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। थानों के माध्यम से लाउडस्पीकर द्वारा मुनादी कराई जा रही है कि नागरिक कानून को अपने हाथ में न लें। यदि किसी व्यक्ति पर संदेह होता है, तो तुरंत डायल 100 या नजदीकी पुलिस चौकी को सूचित करें। पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है कि अफवाह के आधार पर किसी भी निर्दोष के साथ मारपीट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।










