इंदौर में चाइनीज मांझे पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: पतंग उड़ाने पर हो सकती है 3 साल की कैद, बेचने वालों पर लगेगा रासुका
इंदौर।
शहर में मकर संक्रांति से पहले प्रशासन और पुलिस ने चाइनीज डोर (मांझे) के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त अभियान छेड़ दिया है। अब सिर्फ चाइनीज मांझा बेचने वाले ही नहीं, बल्कि इसका इस्तेमाल कर पतंग उड़ाने वाले भी अपराधी माने जाएंगे और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
सख्त नियम: गंभीर चोट लगने पर हत्या के प्रयास का केस
पुलिस ने साफ कर दिया है कि चाइनीज डोर से पतंग उड़ाते पकड़े जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सजा का प्रावधान इस प्रकार है:
* चोट नहीं लगने पर: 3 महीने की कैद या 2500 रु. जुर्माना।
* चोट लगने पर: 6 महीने की कैद या 5000 रु. जुर्माना।
* गंभीर चोट लगने पर: 3 साल की कैद या 10 हजार रु. जुर्माना।
* इसके अलावा, यदि किसी को जानलेवा चोट लगती है, तो पतंग उड़ाने वाले पर हत्या के प्रयास का केस भी दर्ज हो सकता है।
बेचने वालों का होगा ‘जिलाबदर’
प्रशासन ने चाइनीज मांझे के व्यापार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए विक्रेताओं के खिलाफ ‘जिलाबदर’ और ‘रासुका’ (NSA) जैसी सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। हर थाने की माइक्रो बीट और सीआई सेल की टीमें सादी वर्दी में इलाकों में घूमकर निगरानी करेंगी। पुलिस अब लोगों की छतों पर जाकर भी चेक करेगी कि कौन सा मांझा इस्तेमाल हो रहा है।
59 रोल के साथ युवक गिरफ्तार
स सख्ती का असर भी दिखने लगा है। मल्हारगंज पुलिस ने रामबली नगर में दबिश देकर महेंद्र (20) पिता कैलाश प्रजापत को गिरफ्तार किया है। उसके घर से चाइनीज मांझे के 59 रोल (कीमत लगभग 29,500 रुपये) जब्त किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 223 (a) और 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
परिंदे भी बन रहे शिकार
चाइनीज डोर न सिर्फ इंसानों बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए भी काल बन रही है। तंजीम नगर में एक चिड़िया अपने ही घोसले पर चाइनीज डोर में फंस गई, जिससे उसकी जान पर बन आई।
अधिकारियों का बयान
कलेक्टर शिवम वर्मा ने टीएल बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे की खरीदी-बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन हो। वहीं, डीसीपी जोन-1 कृष्णा लालचंदानी ने कहा कि शहर में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने वालों पर आपराधिक केस दर्ज होंगे।
जनहित में अपील: चाइनीज डोर मानव जीवन और पर्यावरण के लिए घातक है। इसका उपयोग न करें और अपने आसपास किसी को करते देखें तो पुलिस को सूचित करें।










