इंदौर के विजय नगर में प्रशासन बेबस! NOTCH पब की ‘गुंडागर्दी’ के आगे नियम-कायदे हुए नतमस्तक
इंदौर। स्वच्छता में नंबर वन शहर इंदौर अब ‘कोलाहल’ का केंद्र बनता जा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देशों को रद्दी का टुकड़ा समझते हुए विजय नगर स्थित NOTCH बार एंड रेस्टोरेंट ने कल रात जो किया, उसने कानून की इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पूरा शहर सोने की कोशिश कर रहा था, तब इस पब में बज रहे हाई-डेसिबल डीजे ने कानून और शांति दोनों की धज्जियाँ उड़ा दीं।https://www.hearingcareaid.in/
क्या रसूखदारों के लिए बदल जाते हैं नियम?
हाल ही में इंदौर पुलिस ने प्यानो पब पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की थी, जहाँ साउंड सिस्टम जप्त कर संचालक पर FIR दर्ज की गई। लेकिन NOTCH पब के मामले में प्रशासन की ‘चुप्पी’ कई संदेह पैदा करती है। क्या विजय नगर पुलिस को रात भर गूँजता यह शोर सुनाई नहीं दिया? या फिर इन रसूखदार पब संचालकों के पास कानून से बचने का कोई ‘गुप्त रास्ता’ है?
कार्रवाई में ‘पिक एंड चूज’ का खेल
14 फरवरी को तेजाजी नगर और हीरानगर में डीजे जप्त कर प्रशासन ने वाहवाही लूटी थी, लेकिन NOTCH पब की ताजा मनमानी ने इन दावों की पोल खोल दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच, NOTCH जैसे संस्थान बेखौफ होकर रात 10 बजे के बाद भी कान फोड़ू संगीत बजा रहे हैं।
बीमार बुजुर्ग और सहमे बच्चे: जिम्मेदार कौन?
विजय नगर का रहवासी इलाका इन पबों के शोर से नरक बन चुका है। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और घर में मौजूद मरीजों के लिए यह शोर किसी प्रताड़ना से कम नहीं है। कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और BNS की धारा 223 का डर इन संचालकों के मन से पूरी तरह खत्म हो चुका है, क्योंकि इन्हें पता है कि ‘ऊंची पहुंच’ इन्हें बचा लेगी।
प्रशासन से सीधे सवाल
* क्या प्यानो पब पर हुई कार्रवाई केवल दिखावा थी?
* वायरल हो रहे वीडियो और जनता की शिकायतों के बाद भी NOTCH बार का लाइसेंस निरस्त क्यों नहीं किया गया?
* क्या विजय नगर पुलिस इन रसूखदारों के आगे नतमस्तक हो चुकी है?
अब शहर की जनता को इंतजार है कि क्या प्रशासन NOTCH पब पर भी वही ‘बुलडोजर’ जैसी कानूनी कार्रवाई करेगा या फिर यह ‘शोर वाली संस्कृति’ इंदौर की शांति को ऐसे ही निगलती रहेगी?










