मिडिल-ईस्ट संकट: भारत में महंगी हो सकती है CNG और PNG, सप्लाई में 40% की कटौती
खबर पर नजर परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है, मैं खुशी श्रीमाल। मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों ने अब भारत की रसोई और गाड़ियों की रफ़्तार पर संकट खड़ा कर दिया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के कारण भारत में CNG और PNG की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहारhttps://www.hearingcareaid.in/contact
ईरान के ड्रोन हमलों के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट का उत्पादन रोक दिया है। इसका सीधा असर भारत पर पड़ा है:
* सप्लाई में कटौती: घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है।
* कतर पर निर्भरता: भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।
* दाम बढ़ने की चेतावनी: सिटी गैस कंपनियों (CGD) ने आगाह किया है कि अगर कतर से सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो CNG और PNG के दाम बढ़ाना मजबूरी होगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: बंद हुआ समुद्री रास्ता
भारत के लिए सबसे बड़ी मुसीबत ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का असुरक्षित होना है। यह वही संकरा रास्ता है जहाँ से कतर और यूएई अपना तेल और गैस निर्यात करते हैं।
* जहाजों की आवाजाही ठप: 28 फरवरी को जहाँ इस रास्ते से 91 जहाज गुजर रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर सिर्फ 26 रह गई है।
* फंसे हुए जहाज: पेट्रोनेट के तीन बड़े जहाज—दिशा, राही और असीम—फिलहाल कतर के रास लफान पोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
* भारत की निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है।
क्यों रुका उत्पादन?
कतर-एनर्जी के अनुसार, ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ और ‘मेसाईद’ इंडस्ट्रियल सिटी स्थित प्लांट्स पर ड्रोन हमले किए हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के जवाब में ईरान ने यूएई, कतर और सऊदी अरब में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे सुरक्षा कारणों से उत्पादन रोकना पड़ा है।
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पत्रकार: शैलेंद्र श्रीमाल
वेबसाइट: kpnindia.in










