रंगपंचमी से पूर्व इंदौर में हंसी का ठहाका: सजेगा बजरबट्टू सम्मेलन – विशेष रिपोर्ट
खबर पर नजर परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है, मैं खुशी श्रीमाल। इंदौर अपनी परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है और इन्हीं में से एक है रंगपंचमी से ठीक एक दिन पहले होने वाला ‘बजरबट्टू सम्मेलन’। जब पूरा शहर रंगपंचमी की गेर की तैयारियों में जुटा होता है, तब इंदौर के राजवाड़ा और हृदय स्थल पर हंसी के फव्वारे छूटते हैं। यह एक ऐसा अनूठा आयोजन है जहाँ राजनीति, प्रशासन और समाज के दिग्गज अपना गंभीर चोला उतारकर हास्य और व्यंग्य के रंग में सराबोर नज़र आते हैं।
बजरबट्टू सम्मेलन की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘बजरबट्टू उपाधि’ है। हर साल शहर की किसी जानी-मानी हस्ती को, जो अपने बेबाक अंदाज या मजाकिया स्वभाव के लिए प्रसिद्ध हो, उसे बड़े ही धूमधाम से ‘महामूर्ख’ या ‘बजरबट्टू’ की उपाधि से नवाजा जाता है। इस दौरान निकलने वाली शोभायात्रा में बैंड-बाजे और ढोल-ताशों के साथ जब बजरबट्टू की सवारी निकलती है, तो पूरा इंदौर खिलखिला उठता है। इस मंच से कवि और कलाकार तीखे व्यंग्य बाण छोड़ते हैं, जो सत्ता और व्यवस्था पर करारी चोट तो करते हैं, लेकिन सबका दिल जीत लेते हैं।https://www.hearingcareaid.in/services
इस साल भी इस सम्मेलन को लेकर इंदौरियों में भारी उत्साह है। आयोजकों द्वारा इस बार विशेष झांकियां और हास्य प्रस्तुतियां तैयार की गई हैं। परंपरा के अनुसार, इस सम्मेलन के बाद ही रंगपंचमी की मस्ती की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है। आयोजन समिति का कहना है कि इस बार का ‘बजरबट्टू’ कौन होगा, इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है, जिसने शहरवासियों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। हास्य और भाईचारे का यह संगम इंदौर की जिंदादिली की पहचान है। हम आपको इस सम्मेलन के हर ठहाके और उस ‘खास चेहरे’ से रूबरू कराएंगे जिसे इस बार बजरबट्टू चुना जाएगा। खबर पर नजर परिवार के लिए मैं खुशी श्रीमाल, धन्यवाद।










