खबर पर नजर परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है, मैं खुशी श्रीमाल। स्वच्छता में सिरमौर इंदौर अब दुनिया की सबसे बड़ी रंगारंग ‘गेर’ की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। इंदौर में होली का पर्व तब तक अधूरा माना जाता है जब तक कि राजवाड़ा की सड़कों पर रंगपंचमी का सैलाब न उमड़ पड़े। होलकर काल से शुरू हुई यह परंपरा आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है, जहाँ इस बार 5 से 7 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है। इंदौर की यह गेर सिर्फ एक जुलूस नहीं, बल्कि मालवा की जीवंत संस्कृति का सबसे बड़ा प्रमाण है।https://www.hearingcareaid.in/services
इस साल की रंगारंग गेर में आधा दर्जन से ज्यादा प्रमुख संस्थाएं शामिल हो रही हैं। इसमें सबसे प्राचीन ‘टोरी कॉर्नर’ की गेर, ‘संगम कॉर्नर’ की गेर, ‘मॉरल क्लब’ की गेर, ‘रसिया गेर’ और ‘हिंद रक्षक’ की फाग यात्रा मुख्य आकर्षण होंगी। इन गेरों की भव्यता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें लगभग 150 से ज्यादा बड़े वाहन, डीजे, ढोल-ताशे और ऊंट-घोड़े शामिल होते हैं। आयोजकों ने इस बार खास तैयारी की है, जहाँ हाई-टेक मिसाइलों के जरिए हवा में 100 फीट की ऊंचाई तक गुलाल उड़ाया जाएगा और केसरिया व टेसू के फूलों से बने सुगंधित पानी की बौछारें की जाएंगी। गेर का मार्ग टोरी कॉर्नर से शुरू होकर राजवाड़ा पर समाप्त होगा, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक भी इंदौर पहुँच रहे हैं।
प्रशासन के लिए यह चुनौती भी बड़ी है, क्योंकि 5 लाख से ज्यादा की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। राजवाड़ा की ऐतिहासिक इमारतों को बड़े नेट और तिरपाल से ढका जा रहा है ताकि रंगों से धरोहर को नुकसान न पहुंचे। खास बात यह है कि इस भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए पुलिस ने विशेष ‘पिंक स्क्वाड’ तैनात किया है। इंदौर की यह गेर अब यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत की दौड़ में है, जो हर इंदौरी के लिए गर्व का विषय है। हम रंगपंचमी के दिन आपको राजवाड़ा के उस अद्भुत और सतरंगी नज़ारे की हर हलचल दिखाएंगे। खबर पर नजर परिवार के लिए मैं खुशी श्रीमाल, धन्यवाद।










