इज़राइल-इराक युद्ध और भारत-पाकिस्तान के भविष्य पर असर: विशेष विश्लेषण
खबर पर नजर परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है, मैं खुशी श्रीमाल। पश्चिम एशिया में जारी इज़राइल, इराक और ईरान का यह युद्ध अब धीरे-धीरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस वैश्विक तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में भी कोई नई कड़वाहट या युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध ने पाकिस्तान को एक बेहद मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। पाकिस्तान एक तरफ ईरान के साथ लंबी सीमा साझा करता है, तो दूसरी तरफ आर्थिक संकट के चलते वह अरब देशों और अमेरिका पर निर्भर है। ईरान पर हो रहे हमलों और वहां की अस्थिरता का सीधा असर पाकिस्तान की सुरक्षा पर पड़ रहा है, जिससे उसकी पश्चिमी सीमा असुरक्षित हो गई है।https://www.hearingcareaid.in/services
जानकारों का कहना है कि दुनिया का ध्यान जब मिडिल ईस्ट के युद्ध पर केंद्रित है, तो ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच भी छद्म युद्ध (Proxy War) या सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका बनी रहती है। पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और वहां बढ़ती चरमपंथी घटनाओं के कारण भारतीय सेना सीमा पर हाई अलर्ट पर है। हालांकि, मौजूदा समय में पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि वह भारत के साथ किसी भी तरह के सीधे सैन्य टकराव का जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं है। लेकिन, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ रहे इस संघर्ष ने वैश्विक शक्तियों को दो गुटों में बांट दिया है, जिसका असर आने वाले समय में भारत-पाकिस्तान के कूटनीतिक संबंधों पर निश्चित रूप से देखने को मिलेगा।
युद्ध के इस माहौल में भारत अपनी सुरक्षा नीतियों को और कड़ा कर रहा है, वहीं पाकिस्तान अपने पड़ोस में ईरान की अस्थिरता और भारत की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच फंसा हुआ महसूस कर रहा है। आने वाले कुछ महीने दक्षिण एशिया की शांति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं। हम इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी नजर बनाए हुए हैं ताकि आपको हर बदलाव से रूबरू करा सकें। खबर पर नजर परिवार के लिए मैं खुशी श्रीमाल, धन्यवाद।










