इंदौर: 25 वर्षों की कठिन तपस्या को नमन, रंजीत हनुमान क्षेत्र में ‘अभिग्रह चौक’ का हुआ लोकार्पण
● महापौर, विधायक और भारत पारख का समाजजनों ने शॉल-श्रीफल व प्रशस्ति पत्र से किया भव्य सम्मान
● तपस्वी संत राजेश मुनि जी के 52वें जन्मदिवस पर ऐतिहासिक सौगात
इंदौर।
जैन समाज के सुप्रसिद्ध तपस्वी संत अभिग्रहधारी श्री राजेश मुनि जी म.सा. के 52वें जन्म दिवस और उनकी 25 वर्षों की अनवरत साधना के सम्मान में आज इंदौर में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। रंजीत हनुमान मंदिर के समीप स्थित आदित्य हॉस्पिटल के सामने वाले चौराहे का नामकरण ‘अभिग्रह चौक’ और मार्ग का नाम ‘राजेश मुनि मार्ग’ के रूप में विधिवत संपन्न हुआ।
महापौर और विधायक का हुआ सम्मान
इस गरिमामयी आयोजन का उद्घाटन महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर जैन समाज के प्रबुद्ध जनों ने निर्णय का स्वागत करते हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान समाजजनों द्वारा महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी गौड़ और महापौर प्रतिनिधि एवं नगर उपाध्यक्ष भारत पारख का शॉल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। समाज ने मुनि श्री के तप को यह पहचान देने के लिए जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इन दिग्गजों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, क्षेत्रीय पार्षद जितेन्द्र (जीतू) राठौर और जोन अध्यक्ष श्रीमती हरप्रीत लूथरा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी ने मुनि श्री के चरणों में वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
त्याग की मिसाल: 25 वर्षों की साधना
उल्लेखनीय है कि मुनि श्री राजेश मुनि जी का जीवन संयम और त्याग का जीवंत उदाहरण है। वे पिछले 25 वर्षों से लगातार ‘अभिग्रह’ (विशेष संकल्प) की साधना कर रहे हैं। मुनि श्री दो दिन के कठोर उपवास के बाद अपना संकल्प पूर्ण होने पर ही भोजन ग्रहण करते हैं। उनकी इसी तपस्या को नमन करते हुए आज यह नामकरण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विशाल जनसमूह ने महाराज श्री को जन्मदिन की बधाई दी और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।










