इंदौर: सुदामा नगर में ‘अमृत’ बना ‘जहर’, नलों में आ रहा ड्रेनेज का पानी
“नगर निगम या नरक निगम? : स्वच्छता के शहर में गंदा पानी पीने को मजबूर रहवासी, टैंकर माफिया की चाँदी”
इंदौर (म.प्र.):
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के सुदामा नगर और स्वास्तिक नगर क्षेत्र के रहवासी इन दिनों जिस त्रासदी से गुजर रहे हैं, वह स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। यहाँ नलों से जीवन देने वाला जल नहीं, बल्कि बीमारी बांटने वाला ड्रेनेज का गंदा पानी आ रहा है। ‘खबर पर नजर’ की टीम ने जब जमीनी हकीकत टटोली, तो हालात बदतर नजर आए।
सांसों पर संकट, पानी बना जहर
क्षेत्र के रहवासियों का दर्द इन पंक्तियों में साफ झलकता है:
“वो जनता क्या जाने कि प्यास ज़हर बन जाएगी,
गंदे पानी की एक बूंद उसकी उम्र निगल जाएगी।
तरस आता है बस्तियों के उन हालातों पर,
जहाँ ज़िंदगी गंदे पानी के घाट उतर जाएगी।”
स्वास्तिक नगर और सुदामा नगर में ड्रेनेज लाइन और पानी की लाइन मिक्स हो चुकी है। रहवासी लगातार नगर निगम में कंप्लेंट कर-कर के थक चुके हैं, लेकिन सुनवाई के नाम पर सिर्फ सन्नाटा है। मजबूरी में लोग बाहर से पानी खरीदकर पी रहे हैं।
फाइलों में ‘अमृत’, जमीन पर ‘नरक’
सरकारी कागजों में तो हर गाँव-शहर तक ‘अमृत योजना’ का पानी पहुँच गया, लेकिन हकीकत यह है कि फाइलों पर सिस्टम कुंडली मारकर बैठा है। नगर निगम की घोर लापरवाही को देखते हुए जनता अब इसे ‘नगर निगम’ नहीं बल्कि ‘नरक निगम’ कहने लगी है।
ट्रिप्पल इंजिन सरकार और नेताओं की चुप्पी
वोट प्रधानमंत्री मोदी जी और ट्रिप्पल इंजिन सरकार के नाम पर मांगे जाते हैं, लेकिन जब जनता मुसीबत में होती है, तो जनप्रतिनिधि गायब हो जाते हैं।
* जनप्रतिनिधि केवल आश्वासनों के घोड़े दौड़ा रहे हैं।
* नाकामी का ठीकरा अफसरों पर फोड़ा जा रहा है।
* इंदौर और भोपाल की आपसी सियासी लड़ाई में जनता पिस रही है।
नेताओं को यह समझना होगा कि जनता ने वोट आपको दिए हैं, तो जवाबदेही भी आप ही की है। कब तक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को कोसकर अपनी जिम्मेदारी से भागेंगे? सालों से आप सत्ता में हैं। चुनावों में ‘निंदा रस’ से वोट मिल सकते हैं, लेकिन ‘सुशासन’ देने के लिए नीयत चाहिए।
टैंकर माफिया का राज और पैसे की मोह-माया
सवाल यह भी उठता है कि क्या यह समस्या जानबूझकर सुलझाई नहीं जा रही?
“कौन नहीं जानता टैंकर माफिया को? सब पैसे की मोह माया है।”
जब नलों में गंदा पानी आएगा, तभी तो टैंकरों का धंधा चमकेगा। अफसरों और नेताओं की गाड़ियों के काफिले और शान-शौकत बढ़ती जा रही है, जबकि आम जनता हलाकान है।
खबर पर नजर प्रशासन को चेताता है कि जनता सब समझ रही है। अब और नहीं सहेंगे। यदि जल्द ही सुदामा नगर और आसपास के क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
खबर पर नजर
पत्रकार शैलेंद्र श्रीमाल
(जिला अध्यक्ष, जैन पत्रकार परिषद, इंदौर)










