इंदौर, जो अपनी सफाई और विकास के लिए देश भर में जाना जाता था, पिछले कुछ महीनों में दो बड़ी त्रासदियों के कारण शर्मसार हुआ है।
आपने जिस तरह से सोनम राजा हत्याकांड और अब भागीरथपुरा जल कांड की तुलना की है, वह बताती है कि शहर में कानून व्यवस्था और अब नागरिक सुविधाओं (नगर निगम) दोनों की पोल खुल गई है।
इस स्थिति पर एक कड़ा संपादकीय या सोशल मीडिया पोस्ट तैयार किया जा सकता है जो जनता के गुस्से और सिस्टम की नाकामी को बयां करे। यहाँ एक मसौदा (Draft) है:
इंदौर: सफाई में नंबर 1, संवेदना में शून्य?
पहले सोनम राजा कांड और अब भागीरथपुरा… सिसक रहा है इंदौर
कुछ महीने पहले सोनम राजा हत्याकांड ने इंदौर के माथे पर चिंता की लकीरें खींची थीं, और अब भागीरथपुरा के ‘जहरीले पानी’ ने पूरे शहर को देश भर में शर्मसार कर दिया है। इंदौर का नाम आज सफाई के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम की उस ‘गंदगी’ के लिए गूंज रहा है, जिसने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया।
क्या जवाब दें देश को?
आज जब देश भर से फोन आते हैं और लोग पूछते हैं— “क्या आप उसी इंदौर में रहते हैं? क्या आपके मंत्री वही हैं जो मौतों को ‘घाटा’ या सामान्य घटना बता रहे हैं?” तो वाकई शब्द नहीं मिलते।
लेकिन सच तो यह है कि जवाब हमें नहीं देना है, जवाब भागीरथपुरा की वो तंग गलियां दे रही हैं:
* जवाब उन घरों का मातम दे रहा है, जहां अर्थियां उठी हैं।
* जवाब अस्पताल के वो बेड दे रहे हैं, जहां मासूम जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं।
* जवाब मंत्रियों की वो गाड़ियां दे रही हैं, जो चुनाव के वक्त तो आती हैं, लेकिन संकट के समय ‘बड़े बोल’ बोलकर निकल जाती हैं।
संवेदनाओं का अकाल
त्रासदी यह नहीं है कि पाइपलाइन फूटी या पानी गंदा हुआ, तकनीकी खामियां हो सकती हैं। त्रासदी यह है कि जब जनता मर रही थी, तब जिम्मेदार लोग आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे थे। जब किसी मंत्री के मुंह से संवेदना के दो शब्द निकलने चाहिए थे, तब ‘घाटा’ और ‘विवाद’ जैसे शब्द सुनाई दिए। यह इंदौर की तासीर नहीं है, यह इंदौर का चरित्र नहीं है।
सवाल सिस्टम से:
सोनम राजा कांड ने हमें बताया था कि हम सुरक्षित नहीं हैं, और भागीरथपुरा कांड ने बता दिया कि हम जिस पानी को पी रहे हैं, उस पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता।
इंदौर की जनता जवाब नहीं देगी, अब जवाब जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं को देना होगा। क्योंकि, शहर सिर्फ सड़कों की चमक से नहीं, नागरिकों की जान की कीमत समझने से महान बनता है।










