इंदौर महापौर का बड़ा फैसला: गेर में शामिल होने से किया इनकार, मार्ग को बाधा मुक्त बनाने में जुटा नगर निगम
इंदौर। इंदौर की ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध रंगपंचमी गेर को लेकर इस बार प्रशासनिक गलियारों से लेकर गलियों तक बड़ी हलचल देखी जा रही है। एक ओर जहाँ नगर निगम प्रशासन गेर मार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इंदौर महापौर ने इस बार गेर यात्रा में शामिल होने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया है। महापौर के इस निर्णय ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है, हालांकि इसके पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।
प्रशासनिक मोर्चे पर, आगामी त्यौहार को देखते हुए निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल के सख्त निर्देशों के बाद, शहर के पारंपरिक गेर मार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष अभियान छेड़ दिया गया है। झोन क्रमांक 2 में उपयंत्री प्रिंस भारद्वाज और उनकी तकनीकी टीम ने विजय चाट हाउस चौराहा से लेकर सराफा थाना तक के पूरे मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने उन तमाम इंटरनेट, टेलीफोन और बिजली के केबलों को मौके से हटा दिया है जो काफी नीचे लटक रहे थे या बेतरतीब तरीके से फैले हुए थे। ये लटकते तार न केवल यातायात में बाधा बन रहे थे, बल्कि गेर यात्रा के दौरान ऊंचे ध्वजों, मिसाइलों और बड़े वाहनों के गुजरने के समय किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते थे।
नगर निगम ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि गेर मार्ग पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अवैध होर्डिंग्स या असुरक्षित ढांचों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की टीमें लगातार उन संवेदनशील रास्तों की निगरानी कर रही हैं जहाँ से रंगपंचमी पर लाखों हुलियारों का हुजूम गुजरता है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इंदौर की यह गौरवशाली परंपरा पूरी तरह से सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। सराफा और राजवाड़ा क्षेत्र में की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब मार्ग काफी सुगम और सुरक्षित नजर आ रहा है।










